vikram9
गुरुवार, 27 दिसंबर 2007
अर्थ हीन
अर्थ हीन सम्वादो का सिलसिला
मै तोडना नही चाहता
शायद इसी बहाने
मै तुम्हे छोडना नही चाहता
विक्रम
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सुनो तन्हाई मेंअधरों पर अधर की छुवनगर्म सासों की त...
कोई टाइटल नहीं
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सच नही कोई परिंदा, जाल मे फँस जाएगा कर हलाले-पाक उ...
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केशवाही,जि.शह्डोल, मध्य प्रदेश, India
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